startup terms
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startup करने से पहले startup terms के बारे मे जरूर जाने । 50+must know startup terms .

अगर आप startup करते है या करना चाहते है ,तो आपको startup terms  के बारे मे जानना जरूरी चाहिए । जिससे आपको अपने startup को समझने और चलाने मे बहुत मदद मिलेगा ।

अगर आप किसी इन्वेस्टर से फंड लेना चाहते है । तो startup terms के बारे मे जानना जरूरी हो जाता है ।

ये सब frequently used startup terms है । जिसे हरेक startup फाउन्डर को जानना चाहिए ।

50+ most know startup terms

आज इस आर्टिकल के मदद से जानेगे । 50+ startup terms जिसे आप जानकर अपने startup journey को आसान बना सकते है ।

1. angel investors :-angel investors वो होते है । जो किसी startup मे बिना बिजनस मोडल् ,बिना रेविन्यू ,बिना प्रॉफ़िट के बहुत शुरुवात मे आपके idea पर पैसे लगते है । ये एक भगवान के फरिस्ते होते है ,जो आपको शुरुवाती दौर मे काफी मदद करते है ।

2. ARPU:-average revenue per user – इस टर्म्स का मतलब है ,की per user से आपका कंपनी कितना revenue कमा रहा है ।

3. Acqui hired:-अगर आप कोई startup करते है ,और आपका startup कोई वजह  नहीं चल पाता ,तो आपके द्वारा बनाया गया टैलेंट ,स्ट्रॉंग टीम और टेक्नॉलजी को कोई दूसरा startup acquired करता है ।

4.alpha testing :-प्रोडक्ट लॉन्च से पहले प्रोडक्ट को टेस्टिंग के लिए अपने एमपलोई को देना ।

5.Beta testing :-इसमे आप प्रोडक्ट लॉन्च से पहले अपने रेगुलरऔर potential कस्टमर को डेमो के लिए देते है ।

6. minicorn startup ;-वैसे startup जिसका valuation 1 मिलियन डॉलर  हो ।

7.unicorn startup :-वैसे startup जिसका valuation 1 बिलियन डॉलर हो ।

8.decacorn startup :-वैसे startup जिसका valuation 10 बिलियन डॉलर है ।

9.dragon startup :-वैसे startup जिसका फर्स्ट round फन्डिंग ही 1 बिलियन डॉलर का हुया है ।

10. DAU:- daily active users.

11. WAU:-weekly active users.

12. MAU:-monthly active users.

13. CAC(customer acquisition cost ):-एक कस्टमर acquire करने मे कितना पैसे खर्च करते है ।

14. GTM(go to market startegy ):-आप अपने प्रोडक्ट को मार्केट कैसे ले जाएंगे ।

15. Burn rate:-startup चलाने मे monthly खर्चित पैसे ।

16. soonicorn startup:-वैसे startup जो जल्द  ही unicorn बनाने वाला हो ।

17. Run rate :-startup अगले साल कितना बड़ा हो सकता है ,current situtation के अनुसार ।

18. LTV(life time value ):-एक कस्टमर से लाइफ टाइम  कितना वैल्यू extract करना चाहते है ।

19. MVP(minimal viable product ):-प्रोडक्ट लॉन्च से पहले कुछ प्रोडक्ट मार्केट मे लॉन्च कारण और कस्टमर का response को समझना ।

20. pre -money valution ;-एक इन्वेस्टर इन्वेस्ट करने से पहले कंपनी का valution करते  है । उस valution को pre -money valution कहते है ।

21. landing page :-कस्टमर आपके startup का Ads देखने के बाद जिस पेज पर आता है ,उस पेज को landing page कहते है ।

23. hectacorn;-वैसे startup जिसका valuation 100 बिलियन डॉलर हो ।

24. KPI(keep performance indicator ):-यह indicator आपके startup के सारे परफॉरमेंस के बारे मे बताता है ।

25. Churn rate :-कितना कस्टमर आपके प्रोडक्ट ,सर्विस ,subcription को छोड़ रहे है ।

26. pivot :-मेजर चेंज इन बिजनस मोडल् ।

27. distrup /distruptive :-अपने product से मार्केट नीड को पूरी तरह से अपना करना ।

28. B2C model (बिजनस टू कस्टमर ):-प्रोडक्ट को कस्टमर को बेचते है ।

29. B2B model (business to business ):-प्रोडक्ट को किसी दूसरे बिजनस को बेचते है ।

30. C2C(customer to customer ):-प्रोडक्ट को एक कस्टमर दूसरे कस्टमर को बेकते है ।

31. value proposition :-आपका प्रोडक्ट एक कस्टमर के लाइफ मे कितना वैल्यू add करता है ।

32. valuation :-total cost of any startup.

33. venture capital :-वेन्चर कैपिटल फन्डिंग का एक जरिया है ,ये फन्डिंग के साथ साथ आपको hand holding ,standup with you ,full support करता है ।

34. vesting :-अगर आपके पास Esops है ,Esops मिलने का टाइम period क्या है । basically इंडिया मे यह पीरीअड 4 साल का होता है ।

35. SaaS(software as a service ):-आप कितना monthly fee देते या लेते है । किसी का सॉफ्टवेयर को use करने मे या या अपना सॉफ्टवेयर को सर्विस के रूप मे देने मे ।

36. seed fund:-सीड फंड ऐन्जल इन्वेस्टर के बाद आता है । आपको कंपनी मे थोड़ा अधिक पैसे लगते है ।

37.series of funding :-सीड फंड के बाद जितना भी फन्डिंग होती है ,उसे सीरीज ऑफ फन्डिंग कहते है ।

38. Sweat equity :-ये एक्विटी आपका कंपनी के ईमानदार और मेहनती एमपलोई को दिया जाता है । ये आपके advisor और mentor को भी दिया जा सकता है ।

39. term sheet :-आपके startup मे फंड करने से पहले अपना टर्म शीट आपको देता है । की इनवेस्टमेंट के बाद इन्वेस्टर का आपकी कंपनी मे क्या rights है ।

40. traffic ;-आपके startup मे कितना डेली,वीकली ,monthly users है ।

41. pitch deck :-इन्वेस्टइंग से पहले इन्वेस्टर को इसे पर्सेंट करते है । एक बढ़िया पिच इन्वेस्टइंग आसान कर सकता है ।

42. revenue model :-आपका startup पैसे कैसे कमाएगा ।

43. retention:-एक कस्टमर आपका प्रोडक्ट कितना बार बार खरीदता है ।

44. exit :-investors जब आपकी कंपनी से बाहर निकलता है ।

45. incubator :-ये ऐसा जगह होता जहाँ आपके startup को ideation ,coaching और फन्डिंग किया जाता है ।कुछ उदाहरण :-y combinator , GSF accelerator,target starup accelerator

46. IPO(initial public offering ):-स्टॉक एक्सचेंज मे पहली बार लिस्ट होता है ।

47. freemium:-आपका प्रोडक्ट का कुछ फीचर्स फ्री मे हरेक के लिए उपलबद्ध हो । और सब पैड हो ।

48.bootstrapping :-startup चलाने के लिए आपका saving और फॅमिली और फ़्रेंड्स का हो । अपने बाहर से कोई फन्डिंग नहीं उठाया है ।

49.cap table :-आपके startup मे कौन कौन shareholder है । और उनके पास कितना %शेयर ओएनेरशिप है ।

50. conversion funnel:-किस किस प्रोससेस आपका कस्टमर आपके बिजनस मे आता है ।

51. Esops(emploee stock options ):-ये उन एमपलोई को दिया जाता है ,जो आपके startup मे सबसे शुरू से कम कर रहा होता है ।

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