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चीन में लोगों ने खाली सफेद पेपर से किया राष्ट्रपति जिनपिंग का विरोध, क्या है खाली सफेद पेपर से विरोध का मतलब

चीन में इस समय काफी ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं जिससे वहां के सरकार ने वहां “शून्य कोविड-नीति” लागू की है जिससे लोगों को आम जिंदगी जीने में काफी परेशानी हो रही हैं।

दरसल चीन के उरूमकी के एक बंगला में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई है जिसके बाद लोगों ने शंघाई में खाली सफेद पेपर लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे हैं।

आइए जानते हैं कि लोगों को खाली सफेद पेपर के माध्यम से विरोध करने के पीछे का क्या कारण है?

चीन में आखिर विरोध क्यों हो रहा है?

चीन के उरूमकी में एक फ्लैट में आग लग गई जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग झुलस गए हैं जिस कारण लोगों के अंदर सरकार के खिलाफ गुस्सा भर गया।

बता दें कि लोगों का कहना है कि “शून्य कोविड-नीति” लागू होने की वजह से फायर फाइटर को अपार्टमेंट तक पहुंचकर आग बुझाने में बहुत देरी हो गई जिसके कारण उन 10 लोगों की जान चली गई।

चीन में सड़कों पर इस विरोध के दौरान लोगों ने कम्युनिस्ट पार्टी को हटाओ’, ‘कम्युनिस्ट पार्टी पद छोड़ो’ और ‘शी जिनपिंग पद छोड़ो’ जैसे नारे लगाकर राष्ट्रपति जिनपिंग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति विरोध कर रहे हैं।

यहां देखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो

लोग खाली सफेद पेपर के माध्यम से विरोध क्यों कर रहे हैं?

शंघाई में लोगों ने पीड़ित लोगों के लिए कैंडल लाइट मार्च निकाला था जिसमें देखा गया कि लोग खाली सफेद पेपर और बैनर लिए हुए हैं और लोग अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट ऑन करके सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध कर रहे हैं।

बता दे ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि चीन में कोई व्यक्तिगत व्यक्ति को सरकार का विरोध करने पर उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। इसलिए लोगों ने सेंसरशिप और गिरफ्तारी से बचने के लिए खाली सफेद पेपर के माध्यम से विरोध कर रहे हैं।

दरअसल लोगों का कहना है कि भीड़ में किसी व्यक्ति के द्वारा हाथ में बैनर या पोस्टर लेकर सरकार का विरोध करने पर उस पर दोष साबित किया जा सकता है परंतु भीड़ में विरोध के दौरान लगाए जाने वाले नारो के लिए किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना मुमकिन नहीं है।

“शून्य कोविड-नीति” क्या है?

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट “डेल्टा वेरिएंट” को चीन में सामने आने पर वहां इससे अधिक नुकसान ना पहुंचने के लिए सरकार ने वहां “शून्य कोविड-नीति”लगा दिया है।

इस नीति में देश के कई हिस्से में पूरा लॉकडाउन लगा दिया गया है एवं लोगों को यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है एवं जब भी कोई व्यक्ति किसी इमारत में प्रवेश करता है तो उसे हर बार कोरोनावायरस की जांच करवानी पड़ती है।

जिसके चलते लोगों के आम जिंदगी पर काफी असर पड़ रहा है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिल्डिंग में लगी आग में हुई देरी के कारण 10 लोगों की मौत की वजह से लोगों में गुस्सा और फिर फूट गया जिसके कारण वहां इसके खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

चीन में बढ़ रहा है कोरोना के मामला

चीन में फिलहाल करो ना संक्रमण लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। यहां अत्यधिक संख्या में पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है।

शनिवार को ही वहां 39,791 कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज हुए हैं जिसमें एक कोरोना संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति की मौत भी हो गई।

जॉन्स हापकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, चीन में अभी तक 35.33 लाख लोग कोरोनावायरस से पीड़ित पाए गए हैं जिसमें 15,910 लोगों की मौत हो गई है।

लेकिन अगर हम दुनिया भर में बात करें तो अभी तक 64.13 करोड़ कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। जिसमें 66.30 लाख लोगों की मौत हो गई है।

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