Shashank kumar dehat
जीवनी

बिहार के छोटे से गांव से 4000 करोड़ की कंपनी बनाने का सफर,जानिए शशांक कुमार के बारे में।

Dehaat: यह कहानी है एक बिहारी entrepreneur जिसने बिहार के छोटे से गांव से 4000 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दिया। आज देहात लगभग 162 मिलियन डॉलर की फंडिंग लेकर भारत के सबसे बड़े एग्रीकल्चर स्टार्टअप है। संघर्ष और मेहनत से शशांक कुमार ने किसानों की समस्या को समाधान करके इतने बड़े कंपनी बना दिया।

देहात के बारे में

देहात एक एग्रीकल्चर बेस्ट स्टार्टअप है जिसे शशांक कुमार और उसके दोस्तों ने 2011 में शुरू किया। देहात किसानों को टेक्नोलॉजी से लेकर बीच सभी चीजें प्रोवाइड कर आता है देहात एंड टू एंड सर्विस प्रोवाइडर फार्मिंग कम्युनिटी है। इसमें विभिन्न कृषि में लगने वाले सामान और उपकरणों को आपूर्तिकर्ता जो बीज उर्वरक और यहां तक कि उपकरण जैसे विभिन्न सामान की खरीद कर सकते हैं और साथ ही साथ देहात मार्केट के बारे में सारी जानकारी प्रदान करता है। किसानों को उद्योग के नेटवर्क से जोड़ता है। जिससे किसान अपनी उपज को डायरेक्ट बड़े कंपनियों को बेचता है जिससे उसे ज्यादा मुनाफा मिलता है। फसल को अधिक उगाने में लगने वाले सभी आधुनिक तकनीक को किसानों से अवगत कराता है।

देहात के संस्थापक शशांक कुमार के बारे में

शशांक कुमार बिहार के छपरा जिले के छोटे से गांव से आते हैं वह एक मिडिल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करता है उनकी पढ़ाई वही पास के गांव में हुआ उनके पिता का मानना था कि वह कोई सरकारी नौकरी कर ले तो उसकी जिंदगी गुजर जाएगा । 12वीं पास करने के बाद वह आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएशन पूरा किया और लगभग 3 साल तक कोई प्राइवेट कंपनी में काम किया लेकिन कहते हैं कि खास लोगों की सपने खास होता है।

कई संघर्षों का सामना करना पड़ा।

शशांक कुमार जब किसानों से मिलने गए तो किसान भाई उनके बाद मानने के लिए तैयार नहीं थे किसान कहते थे कि इस 24 साल के लड़के के पास खेती करने के लिए ज्ञान कहां से होगा। कई महीने के लगातार प्रयास के बाद 14 किसानों ने अपनी कुल क्षेत्र की एक चौथाई शशांक को दिया उस खेत में शशांक ने किसानों को दुगने मुनाफे करके दिखाया जिससे किसान नो को उस पर भरोसा हो गया।

कैसे शुरू हुआ देहात

जब वह मल्टीनेशनल कंपनी में है काम कर रहा था तो उसकी लाइफ में सब कुछ ठीक चल रहा था अच्छी सैलरी थी और आराम का काम था लेकिन उन्होंने अपने आप को समझा और जानना शुरू किया। उसने सोचा कि हममें कुछ खास क्या है हम क्या बना कर सकते हैं फिर उसने डॉट को कनेक्ट करना शुरू कर दिया। उन्होंने सोचा कि मेरी शुरुआती के साथ 8 साल गांव और किसानों की समस्या को देखते हुए गुजरा है हमारे देश में 14 करोड़ किसानों हैं। इसी बात को सोचकर उसके मन में इस स्टार्टअप का आईडिया आया। 2010 के एंड में नौकरी छोड़कर शशांक कुमार वापस आ गए और 2011 में 14 किसानों से मिलकर देहात की शुरूआत किया।

86+ निवेशक के बाद मिली फंडिंग

शशांक कुमार ने देहात को सफल बनाने के लिए कई संघर्षों को सामना किया जब वह देहात का शुरुआत किया था तो भारत में स्टार्टअप किए कोई इकोसिस्टम नहीं था और और नहीं कोई फंडिंग का ऑप्शन। फिर भी किसानों से मिली अच्छे फीडबैक से वह अपने बिजनेस को आगे बढ़ाता रहा उसे लगभग 86 से भी ज्यादा निवेशक से मिलना पड़ा तब जाकर उसकी पहली फंडिंग 4 मिलियन डॉलर 32 करोड़ का हुआ।

कई राज्यों में करते हैं बिजनेस

आज देहात 11 राज्यों के 162 डिस्टिक में फैला हुआ है। जिससे लगभग 13 लाख किसान जुड़े हुए हैं। देहात के लगभग 10,000 फिजिकल सेंटर खुला हुआ है। लगभग 2000 लोग dehaat में काम करते है। देहात लगभग 162 मिलियन डॉलर की फंडिंग ले चुकी है।

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