chandra grahan 2022
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चंद्र ग्रहण के समय लाल क्यों हो जाता है चांद? जाने चांद ग्रहण से जुड़ी आवश्यक जानकारी

8 नवंबर को साल का अंतिम बार पूरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो कि बहुत ही खास होने वाला है क्योंकि यह चंद ग्रहण के समय चांद दिखने में पूरा लाल रंग का दिखाई देगा।

ग्रहण लगने के समय चांद का लाल होने से मन में यह बात तो जरूर आता है कि आखिरकार चांद लाल क्यों हो जाता है। तो वैज्ञानिकों ने उसके पीछे के होने के कारणों का पता लगा लिया है।

तो आइए इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को जानते हैं।

आखिरकार चांद लाल क्यों दिखाई देता है?

जब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है तो उस समय चंद्रमा पृथ्वी की छाया की सबसे गहरी हिस्सा में पहुंच जाता है तो उस समय पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाती है।

उस समय सूर्य की यह प्रकाश फिटकिरी के किनारे से होकर निकलती है और पूरी वायुमंडल में फैल जाती हैं। जिसके कारण किसी अन्य रंगों की अपेक्षा में सिर्फ लाल रंग का प्रकाश चंद्रमा तक पहुंच पाती हैं। जिसके कारण चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है।

इसके पीछे का कारण यह भी है की लाल रंग की तरंगदैध्य नीला और बैगनी की तुलना में अधिक होती है।

यहां देखें नासा का ट्वीट

रेले स्कैटटिंग के कारण चंद्रमा का रंग लाल दिखाई देता है।

रेले स्कैटटिंग होने की वजह से चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है। रेले स्कैटटिंग एक वैज्ञानिक धर्म है जिसका मतलब है वायुमंडल में उपस्थित गणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन

वैज्ञानिकों के अनुसार, कई बार जब आपने सूरज को देखा होगा तो दोपहर के समय सूर्य पीला रंग का दिखाई देता है परंतु वही सुबह और शाम की समय या लाल रंग का दिखाई देता है। यह रेले स्कैटटिंग घटना के कारण होता है।

इस चंद्र ग्रहण का समय 6 घंटे होगा।

जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर देखने को मिलता है उसी को चंद्रग्रहण का नाम दिया जाता है।

वैज्ञानिक के मुताबिक, यह चांद ग्रहण का समय लगभग 6 घंटे का होगा। इस चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा। जो की UTC समयानुसार 8:02 से 13:50 तक रहेगा।

या चंद्र ग्रहण भारत में 8 नवंबर को शाम 5:32 को शुरू होगा जो कि 7:27 बजे तक रहेगा।

The science behind lunar eclipse
Science behind Lunar eclipse

यह चंद्र ग्रहण कहां कहां दिखाई देगा?

इस चंद्र ग्रहण के समय चांद पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में होगा। यह भारत के बहुत सारे हिस्सों में दिखाई देगा।

इसके अलावा या चंद्रग्रहण उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, इक्वाडोर, कोलंबिया और वेनेजुएला, पेरू के पश्चिमी भागों, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के काफी हिस्सों में दिखाई देगा।

हवाई सफर कर रहे लोगों को चंद्र ग्रहण का सभी चरण को देखने का मौका मिलेगा। यदि आप इस चंद्र ग्रहण को मिस कर देते हैं तो आपको अगले पूरा चंद्र ग्रहण देखने के लिए 14 मार्च 2025 का इंतजार करना पड़ेगा।

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